Romantic Shayari No Further a Mystery

तुझे पहली दफा देखा और तेरा ही हो गया..❣️

मैंने आखरी ख्वाईश में भी तुम्हारी मोहब्बत मांग ली !

दूरियाँ बढ़ी तो ग़लतफ़हमियाँ भी बढ़ गईं,

ज़िंदगी के हर मोड़ पर मुस्कुराते जाना है।

अगर तुम्हारी बाहों का सहारा नहीं मिलता।

की तेरे होंठों को चूमने को दिल चाहता है..!!

ना तो पुरे मिल रहे हो ना ही खो रहे हो तुम,

ऐ शख्स तेरा साथ मुझे हर शक्ल में मंजूर है,

ना करूँ तुझको याद तो खुद की Romantic Shayari सांसों में उलझ जाता हूँ मै,

उस चांद को बहुत गुरूर है कि उसके पास नूर है

तुम्हारे ख्वाब तसल्ली से देखता हूँ मैं!

तेरे खामोश होंठो पर मोहब्बत गुन गुनाती है

जीवन भर ऐसे साथ रहो जैसे दो जिस्म एक परछाई हो !

मेरी ज़िंदगी का सहारा बन गए हो तुम।……..*

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